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निमोनिया (Pneumonia)
निमोनिया कà¥â€à¤¯à¤¾ है?निमोनिया के कितने पà¥à¤°à¤•ार हैं?निमोनिया की कितनी सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ होती है?निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£à¤¨à¤¿à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण और रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤°à¤¨à¤¿à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से बचावनिमोनिया की पहचान कैसे करेंनिमोनिया का उपचारलाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² मैनेजमेंटरोग का निदान और कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन
(Pneumonia hindi definition) निमोनिया, फेफड़ों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने वाली à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है। यह रोग आमतौर पर शिशà¥à¤“ं और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में पाया जाता है। हालांकि, निमोनिया के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ हैं जो विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ आयॠवरà¥à¤— को लोगों को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। निमोनिया कà¥â€à¤¯à¤¾ है, निमोनिया के कारण, निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£, निमोनिया के पà¥à¤°à¤•ार और निमोनिया का उपचार जानने के लिठपढ़ें ये लेख।
निमोनिया कà¥â€à¤¯à¤¾ है?
निमोनिया à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो आमतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस या फंगी के कारण हो सकता है। निमोनिया से à¤à¤• या दोनों फेफड़ों में सूजन व लालिमा हो जाती है और जिससे सांस लेने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाती है। फेफड़ों में बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ की आकृति जैसी छोटी-छोटी थैलियां होती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ कहा जाता है। ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को रकà¥à¤¤ में मिलाना और कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤‡à¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को शरीर से बाहर निकालना à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ का काम होता है। निमोनिया के दौरान इन थैलियों में सूजन व उनमें पस या अनà¥à¤¯ दà¥à¤°à¤µ à¤à¤° जाता है, जिससे शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पाती है। निमोनिया किसी को à¤à¥€ हो सकता है, हालांकि, यह पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ व वृदà¥à¤§ लोगों में देखा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर होती है। कà¥à¤› लोगों को निमोनिया से गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते जबकि अनà¥à¤¯ को आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करना पड़ सकता है। इस लेख में आप निमोनिया कà¥à¤¯à¤¾ है, इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ व इलाज के बारे में जान सकते हैं।
निमोनिया के कितने पà¥à¤°à¤•ार हैं?
कमà¥â€à¤¯à¥‚निटी-à¤à¤•à¥â€à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¥à¤¡ निमोनिया- इस पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को तब होता है जब वह हाल ही में हेलà¥â€à¤¥ केयर सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठअसà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ना गया हो और इसे निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया जा सकता है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾- निमोनिया होने का कारण सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस नà¥à¤¯à¥‚मोने (Streptococcus pneumoniae) होता है। यह आमतौर पर फà¥à¤²à¥‚ के बाद होता है और फेफड़ों के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है जिससे लोबर निमोनिया हो सकता है।
à¤à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¿à¤•ल निमोनिया- à¤à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¿à¤•ल नà¥à¤¯à¥‚मोनिया à¤à¤• अलग पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया होता है। यह हर आयà¥à¤µà¤°à¥à¤— के लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। यह माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ या कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ जीवों के कारण हो सकता है।
फंगल निमोनिया- यह कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के फंगल या कवक मिटà¥à¤Ÿà¥€ या पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मल में पाया जाता है।
COVID-19 जैसे वायरस- ठंड और फà¥à¤²à¥‚ पैदा करने वाले वायरस à¤à¥€ निमोनिया का कारण बन सकते हैं। यह आमतौर पर पांच साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में देखा जाता है। COVID-19 वायरस को गंà¤à¥€à¤° निमोनिया का कारण बनते देखा जा रहा है।
नोसोकोमियल निमोनिया- यह असà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° होता है। इसमें हॉसà¥à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤² à¤à¤•à¥â€à¤µà¤¾à¤¯à¤° निमोनिया (HAP)और वेंटीलेटर à¤à¤•à¥â€à¤µà¤¾à¤¯à¤° निमोनिया (VAP) शामिल हैं
à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ निमोनिया- यह उलà¥à¤Ÿà¥€, बलगम, कà¥à¤› रसायनों या किसी विदेशी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को इनहेल करने के कारण होता है। जिसका परिणाम फेफड़ों और शà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा में सूजन का कारण बनता है।
निमोनिया की कितनी सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ होती है?
à¤à¤•तà¥à¤°à¥€à¤•रण- यह सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ शरà¥à¤†à¤¤à¥€ 24 घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° होती है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और तरल पदारà¥à¤¥ के कारण, फेफड़ों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और कंजेशन होने लगता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में मरीज को खांसी और गहरी-लंबी सांसे लेने लगता है।
रेड हेपेटाईजेशन- यह चरण पहले चरण के लगà¤à¤— तीन दिन बाद होता है। लाल, सखà¥â€à¤¤ और वायà¥à¤¹à¥€à¤¨ दिखने के कारण फेफड़े लिवर की तरह दिखने लगते हैं। इस चरण में à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ (फेफड़ों में मौजूद हवा की थैली) à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸, नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤², डिकà¥à¤µà¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ à¤à¤ªà¤¿à¤¥à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤² कोशिकाओं और फाइबà¥à¤°à¤¿à¤¨ से à¤à¤° जाती है।
गà¥à¤°à¥‡ हेपेटाइटिस- यह à¤à¤• अविकारी चरण है, जिसमें रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की कोई à¤à¤¾à¤—ीदारी नहीं होती है। जो रेड हेपेटिसाइजेशन के दो से तीन दिन बाद होता है। इस चरण में, लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं में गिरावट देखने को मिलता है, जो फेफड़ों को à¤à¤• à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ रूप देता है। फेफड़े पीले और शà¥à¤·à¥à¤• दिखाई देते हैं। फाइबà¥à¤°à¤¿à¤¨ और à¤à¤•à¥à¤¸à¤¯à¥‚डेट (कोशिकाओं और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से यà¥à¤•à¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ जो रकà¥à¤¤ वाहिकाओं से आसपास के ऊतकों में बाहर निकलते हैं) इस चरण पर हावी होते हैं।
रिज़ॉलà¥à¤¯à¥‚शन- इस चरण के दौरान लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं (Red blood cells) टूटते हैं, जिससे फेफड़ों को à¤à¤• गà¥à¤°à¥‡ रंग मिलेगा। हालांकि, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाà¤à¤‚ बनी रहती हैं, और लकà¥à¤·à¤£ बने रहेंगे। रिज़ॉलà¥à¤¯à¥‚शन सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ के दौरान, बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— बेहतर महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाà¤à¤‚ उनके शरीर को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने लगती हैं।
निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£
Pneumonia symptoms: निमोनिया मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से फेफड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। फेफड़ों का मà¥à¤–à¥â€à¤¯ कारà¥à¤¯ हमारे रकà¥à¤¤ को ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ देना और अतिरिकà¥à¤¤ कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को निकालना है। फेफड़ों के इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® कामकाज के लिà¤, आपके वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— (बà¥à¤°à¤¾à¤‚काई) को खà¥à¤²à¤¾ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होना चाहिà¤à¥¤ बलगम के कारण अगर वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में रूकावट पैदा होगी तो इससे निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ पैदा होंगे। निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांस लेने की समसà¥à¤¯à¤¾, खांसी और तेज बà¥à¤–ार शामिल हैं। हालांकि, संकेत और लकà¥à¤·à¤£ उमà¥à¤° और निमोनिया के पà¥à¤°à¤•ार के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं। यहां, हम आपको कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं।
छाती में दरà¥à¤¦, खासकर जब आप सांस लेते हैं या खांसते हैं
कफ या बलगम पैदा करने वाली खांसी- बलगम पीले, हरे, यहां तक ​​कि
खून के रंग जैसे अलग-अलग हो सकते हैं
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान
à¤à¥‚ख में कमी
बà¥à¤–ार
पसीना और ठंड लगना
जी मचलाना और उलà¥à¤Ÿà¥€
दसà¥à¤¤
सांस लेने में दिकà¥à¤•त
इनके अलावा, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को निमोनिया के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। जबकि पांच वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ तेज सांसें या घरघराहट जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤° सकते हैं, शिशà¥à¤“ं में उलà¥à¤Ÿà¥€, ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी, या पीने या खाने में कठिनाई के अलावा कोई अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ नहीं हो सकते हैं। वही दूसरी ओर बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— à¤à¥à¤°à¤® का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं, असामानà¥à¤¯ रूप से शरीर का तापमान कम होना आदि शामिल है।
निमोनिया के कारण और रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤°
कारण
Is pneumonia contagious: वायरस, बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और फंगस निमोनिया के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होते हैं। आपको यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ तब होता है जब कोई संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खांसता या छींकता है और आपके अंदर उसकी डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤²à¥‡à¤Ÿ चली जाती हैं। दूषित फॉमिटà¥à¤¸ à¤à¥€ आपके निमोनिया का कारण बन सकते हैं। अगर आप किसी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाते हैं और वेंटीलेटर से संबंधित किसी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनते हैं या à¤à¤¸à¥‡ लोगों के आसपास घूमते हैं तो à¤à¥€ आप संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। जो बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होता है उसे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ॉकस निमोनिया और माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚मोनी कहा जाता है। कà¥à¤› रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ वायरस जो इस निमोनिया के जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं उनके नाम हैं- इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा, राइनोवायरस। मिटà¥à¤Ÿà¥€ और पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मल से निकलने वाले कवक à¤à¥€ निमोनिया का कारण हो सकती है। इनके उदाहरण हैं नà¥à¤¯à¥‚मोसाइटिस जिरोवेसी, कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस सà¥à¤ªà¥‡à¤¸à¥€à¤œ आदि।
रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ (reasons of pneumonia hindi)
65 वरà¥à¤· से अधिक आयॠके लोग
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले लोग
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿
जिन लोगों को पहले से ही फेफड़ों से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ है जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिसिस और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ आदि
हृदय रोग, डायबिटीज और किडनी की कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिजीज वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिन लोगों का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से, ऑरà¥à¤—न टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट या à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ के कारण कमजोर हो गया हो
जिन लोगों को हाल ही में अपर रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† हो जैसे- इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा
जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• हो या इसकी शिकायत हो
निमोनिया से बचाव
निमोनिया से बचने का सबसे अधिक और बेसà¥à¤Ÿ तरीका है टीकाकरण। नà¥à¤¯à¥‚मोकॉकल वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨, पीसीवी 13, हिमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा टाइप बी, यह वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ आपको बैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया से बचा सकती हैं। अगर आपको निमोनिया के साथ साथ फà¥à¤²à¥‚ à¤à¥€ है तो आप à¤à¤• नियमित फà¥à¤²à¥‚ शॉट à¤à¥€ ले सकते हैं। वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ के अलावा आप निमà¥â€à¤¨ बचाव के तरीके à¤à¥€ अपना सकते हैं-
साबà¥à¤¨ या हैंडवॉश से नियमित रूप से कई बार हाथों को धोते रहें
निमोनिया संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ लोगों की डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤²à¥‡à¤Ÿ से फैलता है इसलिठआप à¤à¤¸à¥‡ लोगों से फेस टू फेस संपरà¥à¤• न करें
खांसते और छींकते समय मà¥à¤‚ह को ढंक लेना चाहिà¤à¥¤ आप अपनी कोहनी पर छींक कर खà¥à¤¦ के हाथों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करने से बच सकते हैं
निमोनिया की पहचान कैसे करें
अगर आपको निमोनिया की पहचान करनी है तो फैमिली हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ और फिजिकल à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ को अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देनी चाहिà¤à¥¤ अगर आपको निमोनिया होगा तो आपके फेफड़े कà¥à¤°à¥ˆà¤•लिंग और बबलिंग जैसी आवाज कर सकते हैं। अगर यह संदेह होता है कि आपको नà¥à¤¯à¥‚मोनिया है तो आपको अनà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ करवाने को बोला जा सकता है।
बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ: यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को जांचने और उसके कारण के बारे में पता लगाने के लिठकिया जा सकता है।
छाती का à¤à¤•à¥à¤¸ रे: इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह जान पाà¤à¤‚गे कि कहीं आपके फेफड़ों में इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ (सूजन) तो नहीं हà¥à¤† और अगर हà¥à¤† है तो उसकी लोकेशन कहां है।
सà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टम कलà¥à¤šà¤°: इस टेसà¥à¤Ÿ में आपके मà¥à¤¯à¥‚कस को चेक करने के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है ताकि इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण का पता लगाया जा सके।
पलà¥à¤¸ à¤à¤•à¥à¤œà¥€à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€: इस टेसà¥à¤Ÿ से आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को पता लगेगा कि आपके फेफड़े आपके खून में कितने पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ à¤à¥‡à¤œ रहे है। आपकी उंगली पर à¤à¤• सेंसर रखा जाता है जिससे आपका ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेवल पता चलता है।
सीटी सà¥à¤•ैन: इससे आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को आपके फेफड़ों की और अधिक साफ तसà¥à¤µà¥€à¤° मिलती है।
फà¥à¤²à¥‚इड सैंपल: यह टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण को जानने के लिठही किया जाता है।
निमोनिया का उपचार
आपका उपचार निमोनिया के कारणों पर निरà¥à¤à¤° करता है। बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤‚टी बायोटिक दे सकते हैं। वायरल टाइप के लिठवह आपको à¤à¤‚टी वायरल दवाई दे सकते हैं। फंगल के लिठà¤à¤‚टी फंगल दवाइयों की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। इसके साथ ही आपको बहà¥à¤¤ अधिक रेसà¥à¤Ÿ और हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² उपचारों में इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¥‡à¤¨à¤¸ à¤à¤‚टी बायोटिकà¥à¤¸, रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ थेरेपी आदि शामिल होती है। आपको ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेवल में वृदà¥à¤§à¤¿ होने के लिठऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ थेरेपी की आवशà¥à¤¯à¤•ता à¤à¥€ पड़ सकती है।
लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² मैनेजमेंट
सबसे पहले आपको धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करना होगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपके फेफड़े पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते है।
विटामिन सी से यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें खाà¤à¤‚ जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पपीता, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥‡à¤°à¥€ आदि खा सकते हैं।
आपकी डाइट में जिंक जैसे मिनरल होने चाहिठताकि आपकी इमà¥à¤¯à¥‚निटी मजबूत बन सके।
रोग का निदान और कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन
रोग का निदान
निमोनिया का निदान मà¥à¤–à¥â€à¤¯à¤¤: 3 फैकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है- उमà¥à¤°, à¤à¤• के साथ अनà¥â€à¤¯ रोगों की मौजूदगी और रोग की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ आदि। निमोनिया से पीड़ित अधिकांश लोग à¤à¤‚टीबायोटिक उपचार के तीन से पांच दिनों के बाद सà¥à¤§à¤¾à¤° करते हैं, लेकिन à¤à¤• हलà¥à¤•ी खांसी और थकान à¤à¤• महीने तक रह सकती है। जिन रोगियों को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤§à¤¾à¤° दिखने में अधिक समय लग सकता है। निमोनिया à¤à¥€ घातक हो सकता है।
कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन
निमोनिया फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ और सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दे सकता है, जो निमà¥â€à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक और ऑरà¥à¤—न फेलà¥â€à¤¯à¥‹à¤°: यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ आपको कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ दे सकती है। जैसे अगर नà¥à¤¯à¥‚मोनिया वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपके खून में चले जाà¤à¤‚ तो इससे आपका ऑरà¥à¤—न तक फेल हो सकता है।
दà¥à¤°à¤µ में संकà¥à¤°à¤®à¤£: कई केस में आपके फà¥à¤²à¥‚इड (दà¥à¤°à¤µ) में à¤à¥€ निमोनिया के कारण इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
फेफड़े का फोड़ा: इसके दौरान आपके फेफड़ों के चारों ओर मवाद बन सकता है जो à¤à¤• फोड़ा à¤à¥€ हो सकता है।
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